अंतर्जलीय अन्वेषण दीर्घा महासागर के विषय में मानव ज्ञान उसके महत्व की तुलना में अत्यन्त क्षीण है। ऐतिहासिक काल से ही महासागरों ने मनुष्य के जीवन को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित किया है। हजारों सालो से महासागरों को परम्परागत रूप से अक्षय, अविनाशी तथा असीमित देखा जाता रहा है। काल्पनिक रूप से महासागर समस्त प्रकार की सामाजिक आवश्यकताओं के लिए उपयुक्त है- जीवन की गुणवत्ता, आर्थिक विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा, शिक्षा- जो कुछ जानने की मांग करती है। हमारा महासागरों से बहुत करीबी रिस्ता है क्योंकि ये कई तरीकों से हमारे लिए महत्वपूर्ण है इसीलिए आवश्यक है कि हम अपनी ओर से इनके प्रति पूरा दायित्व निभायें। महासागर की प्राकृतिक क्रिया हमारे और इसके अन्दर निवास करने वाले जन्तुओं के प्रति हमारे भय की तुलना में हमारी निर्भरता महासागर पर भोजन, खनिज, ऊर्जा, पर्यटन, पुर्ननिर्माण और व्यापार के लिए अधिक है जिससे उसके अन्दर रहने वाले जीव जन्तु और उनके पर्यावरण को नुकासान पहुँचाने का खतरा बढ़ गया है। मछली पालन और जनसंख्या वृद्धि पर तटीय विकास यह संकेत करता है कि हमें महासागरीय संसाधनों की सुरक्षा और प्रबंधन के लिए बड़ी और सामूहिक रणनीति की आवश्यकता है। दीर्घा में लगे प्रदर्शों जैसे महासागरीय खोज, नाविक तकनीकी, लहरों की ताल, महासागर और मौसम, मछलीघर से गुजरें आदि हैं जोकि जल के भीतर के जीवन, जीवन्तरूप से विभिन्न जीव जन्तुओं तथा उनके वातावरण एवं आदतों, महासागरों से प्राप्त होने वाली विभिन्न खनिज पदार्थ, तेल, खाद्य पदार्थ/सामग्री, मौसम सम्बन्धी इत्यादि जानकारियों का नवीनतम् तकनीक द्वारा, जैसे कृत्तिम उपग्रह, पनडुब्बी, दूरसंवेदी आदि का मानव के कल्याण हेतु प्रयोग होने के लिए विस्तृत रूप से दर्शाया गया है। ![]() ![]()
जैव प्रौद्योगिकी दीर्घा जैव प्रौद्योगिकी एक विज्ञान है जोकि मानव जीवन जितना ही प्राचीन है। वैसे, केवल हाल ही में 20वीं शताब्दी में शब्द ‘जैव प्रौद्योगिकी’ को व्यावहारिक रूप में विकसित किया गया है। साधाराणतया जैव प्रौद्योगिकी का अर्थ है मानव विकास के लिए उसके अंगो या उसके उत्पादों का सदुपयोग। इस दीर्घा के प्रदर्श आप को मानव आनुवंशिकी से आनुवंशिकी के सूत्रों को तोड़ने तक तथा जैव प्रोद्यौगिकी की उपयोगिताओं और इसके उभरते हुए प्रवर्तियों की यात्रा पर ले जायेगें। हम अपने देनिक जीवन में जैव प्रौद्योगिकी के लाभदायक पक्षों का उपयोग कर रहे हैं। दही और शहद जिसे हम खाते हैं एक प्रतिजैविक है जिसका प्रयोग हम अस्वस्थ होने पर करते हैं, और दालें जोकि हमारा मुख्य आहार है सभी जैव प्रोद्यौगिकी के चमकते हुए प्रयोगों के उदाहारण हैं। अपने मित्रों के साथ जैव-प्रश्नावली में भाग लीजिए और नवीनतम घटनाओं को देखिए और जैव प्रोद्यौगिकी के चमत्कारों को समझने के लिए मल्टीमीडिया का अन्वेषण कीजिए। ![]() ![]()
व्यवहारिक विज्ञान दीर्घा व्यवहारिक विज्ञान पर आधारित यह अनोखी दीर्घा लाखों वर्षों से विकसित हो रहे मानव आचरण से जुड़े आकर्षक प्रकरणों पर एक नजर डालती है। यह दीर्घा जीव वैज्ञानिकों एवं सामाजिक मनोवैज्ञानिकों के कार्यों के आदर्श सम्मिश्रण से बनी है। यह दीर्घा भाषा और व्यक्तित्व भावना ओर रूप, प्रेरणा और तनाव, स्मृति और क्रिया, बोध और सामूहिक आचरण एवं सामजिक रुढ़िवादिता ओर अपने चारो आरे के भैतिक स्थान का उपयोग जैसे विषयों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करती है तो अपने अन्दर छुपे सही मानव स्वभाव की खोज के लिए तैयार हो जाइए। अपना दीपक स्वयं बनें। ![]() ![]()
जलः हमारा जीवन नदियाँ देश में संमृद्धि लाती हैं। विश्व की समस्त महान सभ्यतायें नदी घाटी में ही विकसित हुई हैं। यह दीर्घाः नदियों और जल की महानता का प्रतिरूप हैं विज्ञान, तकनीकी, सामाजिक धर्म और संकीर्णता ओर अवियोज्य (अपृशकृत) सम्पर्क तथा मानवीय सम्बन्ध, ये सभी हस्ताचलित प्रदर्शन तथा क्रियाशील प्रदर्शों द्वारा दर्शायें गये हैं। ![]() ![]() ![]() ![]() ![]() ![]()
लोकप्रिय विज्ञान जैसा कि इसके नाम से स्पष्ट है कि अपने नाम के अनुरुप लोकप्रिय विज्ञान दीर्घा पूरे केन्द्र में लोकप्रिय है। इस दीर्घा में आयें और विज्ञान का आनंद ले। दर्पण के सामने खड़े हों और स्वयं को अपने वास्तविक आकार से लम्बा या छोटा होते हुये देखें। देखें कि किस प्रकार एक सीधी छड़ वलयाकार मुड़ी हुई अतिपरबलयाकार मार्ग से गुजरती है। जलते हुए अनन्त बल्बों की एक लम्बी सुरंग देखें। ये सभी वस्तुऐं कल्पनीय और जादुई लगती हैं। लेकिन यह सब कुछ शुद्ध विज्ञान है। ![]() ![]()
द्रव विज्ञान द्रव विज्ञान पर आधारित यह दीर्घा द्रव की कहानी कहती है। द्रव विश्व का जीवन प्रदायी तथा जीवन का संरक्षण करने वाला तत्व है। ठोस पदार्थ की वस्तुयें दुनियाँ के एक छोटे से भाग में हैं जबकि शेष भाग में जल पाया जाता है। द्रव का अर्थ (तरल पदार्थ) जल होना आवश्यक नही हैं, द्रव के अन्तर्गत बहने वाली सभी वस्तुऐं सम्मिलित हैं। आर्कमिडीज का सिद्धांत, पास्कल का नियम, वायूयान का उठना सभी की आकर्षक प्रदर्शों द्वारा व्याख्या की गई है। ![]() ![]()
मेरी अनोखी दुनिया बच्चे प्राकृतिक रुप से जिज्ञासु प्रवृत्ति के होतें हैं। उनके अन्दर ज्ञान को ग्रहण करने की असीम क्षमता होती है। वे अपनी ही दुनियाँ में जीते हैं इसीलिए इस दीर्घा को मेरी अनोखी दुनियाँ कहा जाता है जिसका अर्थ है- ‘मेरा अद्भुत संसार’ मेरी दुनियाँ इस प्रकार से विकसित की गई है जिससे रंगीन हस्थचालित प्रदर्शों द्वारा अधिक आनंद प्राप्त हो सके। यहाँ रंग, स्पर्श, अनुभव और ध्वनि का रेखांकित करने पर बल दिया गया है। यह सम्पूर्ण रूप से जीवंत और उदीयमान प्रभाव इस प्रकार छोड़ता है कि बच्चे खेलने के समय सीखने के लिए प्रेरित हो सकें।
‘‘पदार्थों का अद्भुत संसार’’ यदि आप पदार्थों के बारे में विस्तृत जानकारी चाहते हैं तो आंचलिक विज्ञान नगरी द्वारा विकसित नव निर्मित दीर्घा ‘‘पदार्थों का अद्भुत संसार’’ का अवलोकन करें। ‘‘पदार्थों का अद्भुत संसार’’ नामक नवीन दीर्घा पदार्थ विज्ञान के विभिन्न पहलुओं पर आधारित है, जैसे कि पदार्थ विज्ञान की मौलिकता, बहुलक एवं प्लास्टिक, इलेक्ट्रानिक पदार्थ, अर्धचालक एवं उत्कृष्टचालक पदार्थ, संवेदीय, नैनोप्रौद्योगिकी संसार, गढ़न पदार्थ, औद्योगिक पदार्थ, प्रकाश- विज्ञान, फलक एव शीत रसायन विज्ञान, विष्फोटक पदार्थ, कार्यशील पदार्थ इत्यादि। प्रदर्शनी अन्य पहलुओं को भी सम्बोधित करती है जैसे कि प्राकृतिक एवं मानव निर्मित पदार्थ क्या हैं और उनका कैसे वर्गीकरण किया गया? पदार्थ विज्ञान को जानना एक रोचक कहानी है जैसे कि युगो पूर्व यह खोजा गया कि आग में पकाकर मिट्टी के वर्तन बनाये जा सकते हैं, और यह खोज क्रांतिकारी थी और आधुनिक खोजों के अनुसार मिट्टी में ऐसे तत्व भी मौजूद है जो हमारे कम्प्यूटरों को चलाते हैं। हम न केवल यह जान सकते हैं कि हमें पदार्थों की विविधता की आवष्यकता क्यों पड़ी जिनका हम अपने दैनिक जीवन में उपयोग करते हैं बल्कि आधुनिक संसार के विलक्षण पदार्थों की एक झलक भी इस प्रदर्शनी में देखने को मिलती है जो भविष्य में अन्य पदार्थ की खोजों के लिए हमें प्रेरित करेगी। ![]() ![]()
जल प्रपात लोकप्रिय विज्ञान दीर्घा में स्वागत कक्ष के समीप स्थित ‘जल प्रपात’ प्रदर्श केन्द्र के भवन में एक अद्वितीय प्रदर्श है। यहाँ जल को ऊर्जा के रुपान्तरण के प्रतिनिधि के रूप में विभिन्न कार्यों को करते हुए दर्शाया गया है। भ्रमण करता हुआ कुछ रंगीन जल टरबाइन के पंखों को घुमाता है, लेंस का निर्माण करता है, सर्कस के कलाकारों की तरह करतब करता है, बहुत से फौब्बारों और साइफन में समाहित होता हुआ इस पूरी प्रक्रिया में असंख्य रुप धारण करता है। ![]() ![]()
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प्रदर्शनी दीर्घायें




















